how to drink water | Rules to drink water

how to drink water | Rules to drink water

वैसे तो पानी पीना एक सामान्य प्रक्रिया है लेकिन आयुर्वेद के अनुसार कुछ नियम है (Rules to drink water, how to drink water)

Ayurveda

आयुर्वेद के अनुसार प्यास एक वेग है प्यास बहुत बड़ा वेग है यदि प्यास लग रही है तो पानी जरूर पीजिये लेकिन सिप सिप करके (घूट-घुट) पीजिये जल्दी जल्दी नहीं पीजिये जल्दी जल्दी पीने से दो तरह की बीमारी होती है।

  1. हार्निया (आयुर्वेद के अनुसार आंत का उतरना)
  2. Apendetiotic

इसी तरह उम्र बढ़ने पर भी पानी पीते रहे तो बुढ़ापे में हाइड्रोसिल नामक बीमारी और प्रोस्टेड की समस्या होती है तो सिप सिप पानी पीजिये और प्यास लगे तो जरूर पीजिये रोकिये मत।

  • आयुर्वेद में एक ही जगह बिना प्यास के पानी पीने को कहा है वो है ऊषाकाल यानि (व्रह्म महूर्त) जो की सूर्य निकलने से डेड घंटे पहले होता है जब बिना प्यास के पानी पीना चाहिए।
  • खाना खाने के तुरंत बाद पानी मत पीजिये अगर ना रुका जाये तो सुबह के खाने के बाद जूस दोपहर के खाने के बाद छाछ और रात को दूध पीना चाहिए।अगर भी पानी पीना है तो 1घंटे बाद पीजिये।
  • अगर प्यास का वेग रोका तो बागभट्ट जी ने 58 रोगों की सूची बनाई।एक बात और कहते है कि ऊषा पान के अलावा ज्यादा पानी नहीं पीना चाहिए हमेशा मध्यम मार्गी रहना चाहिए ।
  • जब भी पानी पियें बैठ कर पानी पीजिये खड़े होकर नहीं ।
  • पानी दो तरह से बैठ कर पिए एक तो उकडू मारकर और दूसरा आलती पालती मारकर कुर्सी पे भी बैठकर पानी पी सकते है ।

इस तरह दिए गए आयुर्वेद के कुछ नियमो को अपनाकर आप पानी पिने से होने बाली असाबधानियो और रोगों से बचा जा सकता है।

उपवैध देवेन्द्र पाल चौधरी how to drink water

Dev chaudhary

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